टाइप-1 मधुमेह रोगियों में स्टेम सेल थैरेपी से खास लाभ नहीं
नई दिल्ली, जुलाई 21 -- नई दिल्ली, मदन जैड़ा। वैज्ञानिकों की तरफ से उम्मीद व्यक्त की जा रही थी कि स्टेम सेल थैरेपी के जरिए टाइप-1 मधुमेह का स्थाई उपचार निकलेगा। लेकिन जो नए शोध सामने आ रहे हैं, उनमें ऐसा होता नहीं दिख रहा। एक अध्ययन में कहा गया है कि स्टेम सेल थैरेपी मधुमेह रोगियों को इंसुलिन पर निर्भरता से मुक्ति दिलाने में असफल रही है। डा. जैविंदर यादव के नेतृत्व में पीजीआई चंडीगढ़ के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि स्टेम सेल थैरेपी से टाइप-1 मधुमेह रोगियों में तात्कालिक तौर पर शर्करा (एचबीएवनसी) के स्तर में करीब 0.57 तक की कमी जरूर आई लेकिन यह कमी सिर्फ पहले छह महीनों में देखी गई और 12 महीने पूरे होते-होते इसका प्रभाव फिर से घटने लगा। इस अध्ययन को इंडिन जर्नल आफ मेडिकल रिसर्च के ताजा अंक में प्रकाशित किया गया है। दरअसल, पीजीआई के ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.