लखनऊ, मई 17 -- पीजीआई में रविवार को टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष 'सपोर्ट ग्रुप कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। संस्थान के एंडोक्रिनोलॉजी और पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी विभागों के इस कार्यक्रम में डॉक्टरों ने बीमार किशोर एवं उनके माता-पिता को मानसिक व सामाजिक संबल दिया। डॉक्टरों ने बताया कि देश में करीब 10 लाख लोग टाइप-1 डायबिटीज के साथ जी रहे हैं। इनमें से करीब तीन लाख रोगी 20 वर्ष से कम उम्र के हैं। हर साल इस बीमारी की चपेट में 35 हजार नए बच्चे और किशोर आ रहे हैं। पीजीआई के मनोरोग विभाग के डॉ. रोमिल सैनी ने बताया कि बच्चा टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित होने पर माता-पिता की चिंताएं कई गुना बढ़ जाती हैं। लगातार इंसुलिन, खान-पान की पाबंदी और समाज के नजरिए के कारण कई बार पूरा परिवार मानसिक रूप कमजोर हो जाता है। ड...