नई दिल्ली, मार्च 2 -- व्हाट्सएप पर हुई एक साधारण स्पेलिंग मिस्टेक ने एक अरब व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक अपमान के आरोप में कोर्ट के कटघरे में खड़ा कर दिया। क्या यह महज अनजाने में हुई टाइपो थी या जानबूझकर अपमान? मामला अब शारजाह मिस्डेमिनर कोर्ट में चल रहा है, जहां आरोपी ने साफ इनकार किया है कि उसका कोई इरादा अपमान करने का नहीं था, यह बस टाइपिंग एरर था। गल्फ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, एक अरब व्यक्ति को शारजाह मिस्डेमिनर कोर्ट (दुष्कर्म न्यायालय) में पेश किया गया, क्योंकि व्हाट्सएप चैट में हुई एक साधारण वर्तनी की गलती को इलेक्ट्रॉनिक अपमान (Electronic Insult) का आरोप लगाकर केस दर्ज कर दिया गया। यह भी पढ़ें- SC में व्हाट्सएप का यू-टर्न, अर्जी वापस ले बोला-NCLT के निर्देशों का करेंगे पालन रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला तब शुरू हुआ जब शिकायतकर्ता (कोर्...