रांची, जुलाई 14 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो स्टील प्लांट के लिए कथित रूप से बिना अधिग्रहण इस्तेमाल की गई जमीन के बदले मुआवजा देने का निर्देश देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रार्थी विवादित जमीन पर अपना कानूनी मालिकाना हक (टाइटल) साबित नहीं कर देते, तब तक मुआवजे का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने बोकारो जिले के चार प्रार्थियों की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि जमीन के मालिकाना हक से जुड़े विवाद संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत रिट याचिका में तय नहीं किए जा सकते। ऐसे मामलों का फैसला सक्षम सिविल कोर्ट ही करेगा। प्रार्थियों ने अदालत को बताया कि 1950 और 1960 के दशक में बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना के लिए बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उनका आरोप था कि ...