टंडवा में वंशावली नहीं बनने से जमीन के बदले मुआवजा और नौकरी पर संकट
चतरा, मार्च 29 -- निज प्रतिनिधि। अंचल से वंशावली नहीं बनने से जमीन देने वाले रैयतों के बीच नौकरी और मुआवजा को लेकर संकट बना हुआ है। बताया गया कि पिछले छह माह से अंचल से पारिवारिक सूची तो बन रही है पर वंशावली नहीं। यह स्थिति तब से उभरा है जब से निवर्तमान सीओ विजय दास का तबादला टंडवा से हुआ है। जानकारों की मानें तो जिला प्रशासन द्वारा वंशावली पर नो इंट्री लगाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जानकारी के अनुसार सीसीएल द्वारा मगध, आम्रपाली, संघमित्रा, पिपरवार अशोक और चंद्रगुप्त के लिए दस हजार एकड़ से अधिक जीएम जे जे और रैयती जमीनो का अधिग्रहण किया है। ऐसे में नियमित: जमीनो के खतियान के आधार पर अंचल से वंशावली बनाने का नियम चल रहा था। परन्तु जिला प्रशासन छह माह से वंशावली बनाने पर रोक लगा दिया है। जिससे दर्जनों परिवार अंचल का परिक्रमा कर थक रहे है...
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