लखनऊ, मई 2 -- वैवाहिक मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को किया स्पष्ट
लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने वैवाहिक विवादों में झूठे हलफनामे दाखिल करने के मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति स्पष्ट की है। कहा कि भले ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश में झूठे हलफनामे पर अवमानना और मिथ्या साक्ष्य के तहत कार्रवाई के लिए कहा गया है, बावजूद इसके अदालतों के लिए दोनों कार्यवाही एक साथ शुरू करना अनिवार्य नहीं है। खासतौर पर उन मामलों में जहां शपथ पत्र देते समय अनजाने में या कोई महत्वहीन त्रुटि हुई हो।
यह निर्णय न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने वैवाहिक विवाद से संबंधित एक मामले में पति की ओर से दाखिल विशेष अपील को निरस्त करते हुए पारित किया है। मामला प्रशासनिक अधिकारी पति व न्यायिक अधिकारी पत्न...
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