रांची, फरवरी 4 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) पर गंभीर टिप्पणी करते हुए यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को गुरुवार की सुबह 10.30 बजे अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया है। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने पीएचडी प्रवेश से जुड़े मामले में विश्वविद्यालय द्वारा दाखिल शपथ पत्र को प्रथम दृष्टया झूठा और भ्रामक करार दिया है। याचिकाकर्ता अमित कुमार चौबे ने इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग में वर्ष 2023-24 सत्र की पीएचडी प्रवेश नीति को चुनौती दी है। यूनिवर्सिटी ने 22 अगस्त 2025 को दाखिल पूरक शपथ पत्र में दावा किया था कि उक्त सत्र में तीन ओबीसी सीटें खाली थीं, जिन्हें सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को नहीं दिया जा सकता था और इन्हें अगले सत्र के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया गया। वहीं, याचिकाकर्ता ने 13 नवंब...