नई दिल्ली, मार्च 13 -- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक परिवार के तीन सदस्यों द्वारा कथित तौर पर एससी/एसटी के झूठे मामलों में फंसाए जाने की धमकियों के कारण आत्महत्या करने के एक दिन बाद, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। याचिका में पीड़ित व्यक्ति को झूठे मामलों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की अनुमति देने के निर्देश देने की मांग की गई। वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में बीएनएसस की धारा 215 और 379 की 'उद्देश्यपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण व्याख्या' के लिए निर्देश मांगे गए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि झूठे मामलों के कारण निर्दोष नागरिक आत्महत्या कर रहे हैं। बीएनएसएस की धारा 215 सरकारी कर्मियेां के कानूनी अधिकार की अवमानना ​​के लिए, सार्वजनिक न्याय के खिलाफ अपराधों के लिए, और सबूत के तौर पर दिए गए दस्तावेजों से संबं...