प्रयागराज, जनवरी 15 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों और पुलिस का गलत इस्तेमाल करने वालों पर सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि अगर पुलिस जांच में यह पता चलता है कि एफआईआर झूठी सूचना के आधार पर लिखवाई गई थी, तो अब पुलिस चुप नहीं बैठ सकती। जांच अधिकारी को झूठी खबर देने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी ही होगी। कोर्ट ने कहा कि अगर पुलिस को पता चलता है कि आरोप झूठे हैं और वह केस बंद करने के लिए क्लोजर रिपोर्ट लगा रही है, तो उसे शिकायतकर्ता के खिलाफ भी लिखित में मामला दर्ज कराना होगा। यह भी पढ़ें- महाकुम्भ की तर्ज पर माघ मेला में लागू हुई क्यूआर जैकेट टिकट व्यवस्था अगर पुलिस वाले ऐसा नहीं करते हैं, तो उन पर भी कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक और सभी न्यायिक अधिकारियों को 60 दिन के भीतर इस व...