सीवान, जुलाई 14 -- गोपालपुर, हुसैनगंज एक संवाददाता। मानसून का मौसम होने बाद भी ग्रामीण बारिश के लिए तरस रहे हैं मगर शुरुआत के दो तीन दफा की अच्छी बारिश के बाद जैसे बारिश पर ग्रहण लग गया है। तेज धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए लोग बारिश का इंतेज़ार कर रहे हैं। कभी कभी बादल घुमड़ कर आते भी हैं मगर बारिश के नाम पर दो चार छींटे गिराते हुए बादल न जानें कहां गायब हो जाते हैं। उमस से परेशान ग्रामीणों के लिए ऐसा मौसम अजाब जैसा बन गया है। इसे कुछ शिक्षित ग्रामीण बदलते पर्यावरण का असर मानते हैं। आमतौर पर इस मौसम में दाहा नदी में जल भर जाता था और किनारे तक उफान मारती दाहा नदी शोर करते हुए गांवों से गुजरती थी मगर मानसून के मौसम में भी अभी तक दाहा नदी का जलस्तर बेहद नीचे नजर आ रहा है। मिट्टी की नमी भी खत्म हो गई है जिस से हवा चलने के साथ ही धूल मिट्ट...
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