गिरडीह, जनवरी 26 -- पीरटांड़। झारखण्ड बिहार की सबसे ऊंची चोटी पारसनाथ अध्यात्म, पर्यटन व पर्यवारण संतुलन का अद्भुत संगम बन गया है। सम्मेदशिखर पारसनाथ जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल के साथ साथ स्थानीय आदिवासियों के लिए मरांग बुरु के रुप मे भी पूजनीय है। पहाड़ की प्राकृतिक सौंदर्य व आबोहवा पर्यटकों को भी खूब लुभा रही है। यही वजह है कि पारसनाथ आनेवाले सैलानियो की संख्या में धीरे धीरे भारी इजाफा हुआ है। बताया जाता है कि देश भर में ख्यातिप्राप्त झारखण्ड बिहार की प्राकृतिक धरोहर सम्मेदशिखर पारसनाथ न केवल जैन अनुयाइयों के लिए आस्था का केंद्र है बल्कि पर्यावरण दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण है। समुद्र तल से लगभग 1365 मीटर ऊंची पारसनाथ पर्वत पर जैन धर्म के चौबीस में से बीस तीर्थंकरों ने साधना आराधना कर निर्वाण को प्राप्त किया है। पहाड़ के चोटिय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.