रांची, मार्च 10 -- झारखंड में कोडरमा के डुमरी गांव में 4 लोगों की हत्या के 2 आरोपियों की फांसी रद्द कर मामले से बरी कर दिया गया। जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने कहा कि गवाहों के बयान आपस में मेल नहीं खाते हैं, जिससे संदेह पैदा होता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाहों के बयान पूरे विश्वसनीय नहीं हैं। इसी आधार पर निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा निरस्त कर दी। फांसी की सजा पाए दो सजायाफ्ता संजय यादव एवं रामवृक्ष यादव ने सजा के खिलाफ अपील और राज्य सरकार द्वारा फांसी की सजा को कंफर्म करने पर याचिका दाखिल की थी। 25 सितंबर 2004 की शाम करीब 7:30 बजे जब सेवानिवृत्त शिक्षक कपिलदेव प्रसाद यादव घर की छत पर बैठ समाचार सुन रहे थे, तभी 20-25 अपराधियों ने घर पर हमला कर दिया था। इसमें कपिलदेव, उनके पुत्र, पौत्र, रिश्तेदार सकलदे...
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