रांची, अप्रैल 7 -- झारखंड राज्य के पांच जिलों में चल रही ग्रामीण पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं की जांच में सेंट्रल नोडल ऑफिसर (सीएनओ) की टीम ने कई खामियां पाईं। अधिकारियों ने पाया कि 2338 करोड़ों रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं में न केवल निर्माण संबंधी बड़ी खामियां थीं, बल्कि प्रक्रियात्मक स्तर पर भी गंभीर लापरवाही बरती गई।इन जिलों की योजनाओं में पाई गईं खामियां कोडरमा, पाकुड़, साहिबगंज, पलामू और रांची में चल रही तीन एमवीएस और दो बीडब्ल्यूएस परियोजनाओं का निरीक्षण पिछले साल अगस्त-सितंबर में किया गया था। विशेष रूप से कोडरमा में ओवरहेड टैंक (ओएचटी) के गिरने और पलामू में स्रोत की अनिश्चितता जैसे मुद्दों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी पढ़ें- मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की! महिला ने पति को छोड़कर प्रेमी का थामा हाथ निर...
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