नई दिल्ली, अप्रैल 30 -- झारखंड उच्च न्यायालय में गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान ऐसा कुछ हुआ कि जिसके बाद हाई कोर्ट ने पूरे राज्य की जेलों में डॉक्टरों की कमी को लेकर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज कर ली और राज्य सरकार से जेलों में खाली पड़े डॉक्टरों के पदों के बारे में सरकार से जवाब तलब किया है। दरअसल जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ जिस आपराधिक अपील पर सुनवाई कर रही थी, उसके बारे में उन्हें सूचित किया गया कि अपीलकर्ता किडनी की समस्याओं से पीड़ित था और जेल में उचित इलाज न मिल पाने के कारण उसकी मौत हो गई है। साथ ही हाई कोर्ट ने इस मामले में मृतक अपीलकर्ता के परिजनों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें राज्य सरकार से मुआवजा मांगने की अनुमति भी दे दी। पीठ को बताया गया कि अपीलकर्ता ने इसी वजह से अपनी सजा क...