धनबाद, जुलाई 26 -- झारखंड सरकार ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट (जेआर) और सीनियर रेजिडेंट (एसआर) की निजी प्रैक्टिस (प्राइवेट प्रैक्टिस) पर रोक लगा दी है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी मेडिकल कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश के अनुसार अब इंटर्न, जेआर और एसआर को यह शपथ पत्र देना होगा कि वे किसी भी प्रकार की निजी प्रैक्टिस में संलिप्त नहीं हैं। शपथ पत्र जमा करने के बाद ही मानदेय का भुगतान किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ रेजिडेंट डॉक्टर के निजी प्रैक्टिस में समय देने के कारण अस्पताल की सेवाएं प्र...