रांची, मई 12 -- रांची। वरीय संवाददाता सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन टास्क फोर्स, झारखंड सरकार और सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की ओर जारी ग्रीन गोल्ड ग्राफीन रिपोर्ट में राज्य की संभावनाओं को सामने लाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में प्रतिवर्ष लगभग 5,500 टन ग्राफीन उत्पादन की क्षमता मौजूद है, जो राज्य को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी ग्राफीन उत्पादन के प्रमुख केंद्रों में शामिल कर सकती है।

ग्राफीन उद्योग के विकास की संभावनाएं रिपोर्ट में बताया गया है कि झारखंड में ग्रेफाइड, कोल बेड मीथेन और लाह जैसे प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता है। इन्हीं संसाधनों के आधार पर राज्य में ग्राफीन उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं देखी जा रही हैं। ग्राफीन कार्बन से बना एक अत्यंत पतला, मजबूत और आधुनिक पदार्थ है, जिसे भविष्य...