जमशेदपुर, जुलाई 17 -- डिजिटल इंडिया के दौर में झारखंड की स्कूली शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के यूडाइस प्लस 2025-26 के आंकड़े राज्य में शिक्षा के डिजिटल बुनियादी ढांचे की बदहाल तस्वीर पेश करते हैं। स्कूलों में कंप्यूटर तो पहुंचा दिए गए हैं, लेकिन तकनीकी और कनेक्टिविटी के अभाव में वे छात्रों के लिए महज दिखावटी साबित हो रहे हैं। यह स्थिति उन बच्चों के सपनों पर सवाल खड़े कर रही है, जो इंटरनेट के माध्यम से दुनिया से जुड़कर अपनी पढ़ाई को आधुनिक बनाना चाहते हैं। राज्य के आंकड़ों पर गौर करें तो झारखंड में कुल 44,378 स्कूल हैं, जिनमें से केवल 60.4 प्रतिशत स्कूलों में ही इंटरनेट की सुविधा है। सरकारी स्कूलों की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां इंटरनेट की उपलब्धता का प्रतिशत 58.6 ही है। ऐसे में यह सवाल है क...