जमशेदपुर, अप्रैल 23 -- जमशेदपुर। झारखण्ड सरकार द्वारा लागू किया गया जेल मैनुअल 2025 राज्य की जेल व्यवस्था में एक ऐतिहासिक और मानवीय बदलाव का संकेत दे रहा है। "बेड़ियां, हथकड़ी और अत्याचार अब नहीं सहेगा कैदी" की मूल भावना के साथ यह मैनुअल कैदियों के मानवाधिकार, गरिमा और पुनर्वास को केंद्र में रखता है।उक्त बातें झारखण्ड मानवाधिकार सम्मेलन (जेएचआरसी) के प्रमुख मनोज मिश्रा ने मानगो के अविनाश नगर में गुरुवार को आयोजित संगठन की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल सुधारवादी सोच को दर्शाती है और पूरे राज्य में इसकी व्यापक सराहना हो रही है। यह कदम न केवल जेल सुधार बल्कि एक संवेदनशील और जवाबदेह शासन प्रणाली की ओर बढ़ता हुआ प्रयास है।नए जेल मैनुअल के तहत पारंपरिक अमानवीय प्रथाओं-जैसे बेड़ियां पहनाना, अनावश्यक हथकड़ी लगाना तथा शारीरिक दंड-क...
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