रांची, अगस्त 15 -- केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 से राज्यों की सेस और अतिरिक्त शुल्क लगाने की शक्तियां समाप्त हो जाएंगी। खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार इसी शक्ति के आधार पर राज्य को वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में क्रमशः 1300 करोड़ और 7487.92 करोड़ रुपये सेस से मिले थे। यह सेस माइनिंग कंपनियों पर लगाया जाता है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा कोल सेस का है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने करीब 13,000 करोड़ रुपये सेस वसूली का लक्ष्य रखा है। अप्रैल-जुलाई 2026 के बीच ही करीब 4400 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। इसी रफ्तार से यह राशि साल के अंत तक 13,200 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान था। लेकिन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही झारखंड को यह राशि मिलनी पूरी तरह बंद हो जाएगी। या...