रांची, फरवरी 26 -- झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में वित्त मंत्री सह संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि झारखंड को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी क्यों नहीं दी गई, अनुदान की राशि क्यों कटौती गई है, इसकी केंद्र सरकार टीम भेजकर जांच करा ले। केंद्र सरकार की टीम के साथ झारखंड के अधिकारी बैठेंगे। इससे ज्यादा और क्या पारदर्शिता हो सकती है। संसदीय कार्य मंत्री बुधवार को बजट 2026-27 पर हुई चर्चा के बाद राज्य सरकार का पक्ष रख रहे थे। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विपक्ष का कहना है कि उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं देने के कारण भारत सरकार झारखंड को राशि नहीं दे रही है। केंद्र सरकार में काम करने की इतनी की पारदर्शिता है तो एक माह का झारखंड सरकार समय देती है कि उनके अधिकारी आएं और हमारे अधिकारियों के साथ बैठें...