रांची, जून 20 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बिहार और झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपनाई गई पद्धति का तुलनात्मक अध्ययन कर सवाल खड़ा किया है। पार्टी ने सोशल मीडिया एक्स पर कुल 12 विषयों की जानकारी साझा करते हुए लिखा है कि भाजपा ने यह मानो ठान लिया है कि झारखंडियों को हर कदम पर परेशान करना है। जिन मतदाताओं के नाम में विसंगति (त्रुटि) है, उनकी सूची बना ली गई है। जो मतदाता अनमैप्ड हैं, उनकी पहचान भी अब हो चुकी है। जब समस्या पता है, लोग पता हैं और डेटा भी उपलब्ध है, तब समाधान आसान बनाने के बजाय पूरी प्रक्रिया को सजा क्यों बनायी जा रही है? झामुमो ने लिखा है कि पहले नोटिस, फिर दस्तावेज, फिर सत्यापन, फिर सुनवाई., आखिर झारखंड के मतदाताओं को इतनी अनावश्यक परेशानी क्यों? लोकतंत्र का उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, उन्हें प...