रांची, मई 28 -- झारखंड में 15वें वित्त आयोग के तहत सरकारी अस्पतालों के लिए 7 प्रकार के डायग्नोस्टिक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में महालेखाकार ने व्यापक अनियमितता का खुलासा किया है। ऑडिट में खुलासा हुआ है कि झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएमएचआईडीपीसीएल) द्वारा की गई खरीद में नियमों की अनदेखी, तकनीकी गड़बड़ी, वित्तीय हेरफेर और एक खास कंपनी को लाभ पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। ऑडिट के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया से सरकारी खजाने को 8.67 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। टेंडर 01/12/23 को जारी हुआ, जिसमें 16 कंपनियां शामिल हुईं। नौ शुद्धिपत्र जारी हुए। बाद में मेरिल डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड को हीमेटोलॉजी एनालाइजर पार्ट -5, हीमेटोलॉजी एनालाईजर पार्ट -3 और सेमी ऑटोमेटेड बायोकेमिस्ट्री एनाल...