रांची, अक्टूबर 15 -- झारखंड पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने राज्य के पांच डिवीजन में चल रही करीब 1,680 करोड़ रुपये की 10 बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं (एमवीएस) को अधूरा पाए जाने के बाद इन पर रोक लगा दी है। एडवोकेट जनरल की सिफारिशों पर विभाग ने यह फैसला किया है। ये सभी योजनाएं चेन्नई की कंपनी मेसर्स श्रीराम ईपीसी द्वारा पूरी कराई जा रही थीं। कंपनी के जिम्मे कुल 10 योजनाएं थीं, जो चाईबासा, चतरा, हजारीबाग, धनबाद और मधुपुर में चल रही थीं। कई योजनाओं की निर्धारित समय-सीमा वर्षों पहले बीत चुकी है, लेकिन वे अब तक पूरी नहीं हो सकीं। अब विभाग ने शेष कार्य के लिए नए सिरे से निविदा निकालने का निर्णय लिया है। 10 योजनाओं में से पांच का निर्माण डीएमएफटी फंड से, चार का राज्य मद से और एक का जल जीवन मिशन के तहत होना है। यह भी पढ़ें- काम की बात: अब ATM से पैसे ...