झारखंड की पारंपरिक खान-पान स्वादिष्ट, पोषक व पर्यावरण के अनुकूल, नवाचार की जरूरत : कुलपति
पलामू, मई 8 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। झारखंड की पारंपरिक और स्थानीय खान-पान की आदतें न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि वे पोषण से भरपूर हैं और पर्यावरण के अनुकूल भी हैं, जो भविष्य के लिए टिकाऊ है। इस विषय दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी मेदिनीनगर सिटी के पंडित दीनदयाल नगर भवन में शुक्रवार को शुरू हुई। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) के कुलपति प्रो. डॉ दिनेश कुमार सिंह, पलामू के पूर्व प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी, कुलसचिव डॉ नफीस अहमद, जय प्रकाश नारायण विवि के पूर्व कुलपति डॉ फारूक अली, आईसीएआर के पूर्व प्राचार्य साइंटिसट डॉ रणवीर सिंह, अरूणा तिर्की आयोजिक संस्थान यौध सिंह नामधारी महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ मोहिनी गुप्ता आदि ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय संगोष्ठी का उदघाटन किया। कुलपति ने कहा कि झारखंड की पारंपरिक खान-पान स्वादिष्ट, पोषक, टि...
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