बोकारो, फरवरी 7 -- खेतको। झारखंड अलग राज्य आंदोलन के जुझारू स्तम्भ और छात्र-जननेता प्रेमचंद सिन्हा के 42वें शहादत दिवस पर चलकरी में श्रद्धांजलि सभा की गई। विस्थापित नेता काशीनाथ केवट ने कहा कि 6 फरवरी की तारीख झारखंड आंदोलन के इतिहास में उस छात्र-जननेता की शहादत की याद दिलाती है, जिसने आंदोलन को युवा शक्ति का संबल दिया। अस्सी के दशक में, जब एकीकृत बिहार के शिक्षण संस्थानों में अराजकता और दमन का माहौल था, तब प्रेमचंद सिन्हा ने छात्रों को संगठित कर जनवादी संघर्ष को नई दिशा दी थी। झारखंड आंदोलन में छात्र-युवा शक्ति को जोड़ने के उद्देश्य से झामुमो के एके रॉय, बिनोद बिहारी महतो और शिबू सोरेन के साथ मिलकर छात्र मुक्ति मोर्चा का गठन किया गया था। आगे कहा कि झारखंड राज्य बने 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आंदोलन के मूल मक़सद सम्मान, अधिकार और न्याय आ...