गौरीगंज, अगस्त 9 -- अमेठी। जिले की नहरों और माइनरों का हाल बेहाल है। माइनरों में उगे घने जंगली पेड़ों व घांसों से हरियाली तो है लेकिन पानी की एक भी बूंद आगे नहीं बढ़ सकती। नतीजा किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है। किसान धान की फसल की सिंचाई के लिए पानी के इंतजार में हैं और नहर विभाग नहरों की सफाई और टेल तक पानी पहुंचाने के प्रति उदासीन बना हुआ है। जिले की कई नहरों और माइनरों में महीनों से सफाई न होने के कारण झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। नतीजा यह है कि खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा और किसान बरसात का इंतजार करने को मजबूर हैं। गौरीगंज के अमेठी रजबहा से निकली मिश्रौली माइनर मिश्रौली, पूरे शुक्लन, सराय भागमानी, महिमापुर, जुड़ियापुर होते हुए गढ़ामाफी गांव को जाती है। यह माइनर सूखी हुई है और जंगली पेड़ों से गायब हो गई है। कई जगह तो इसके माइनर ...