लखनऊ, जनवरी 23 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता सीबीआई ने झांसी में 70 लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में सीजीएसटी के दो बड़े अफसरों की भूमिका की और गहनता से जांच शुरू की है। दोनों अधिकारियों के पास सीबीआई के छापे से पहले रिश्वत लेने की शिकायत की गई थी। इसके बावजूद दोनों ने जीएसटी में छापे मारने के लिए सर्च वारंट नहीं जारी किया था। इतना ही नहीं इस बारे में मुख्यालय के अफसरों को भी कुछ नहीं बताया था। सीबीआई जल्द दोनों से पूछताछ करेगी। सीबीआई ने रिश्वतखोरी में पकड़ी गई झांसी में सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अनिल तिवारी व अजय शर्मा को व्यापारी से 70 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से सीबीआई इस पूरे रिश्वत प्रकरण की हर कड़ी से पर्दा उठाने पर लगी हुई है। इसी कड़ी में प्रभा भंडारी को एक दिन व अनिल और अ...
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