लखनऊ, जुलाई 22 -- सोलर पैनल में सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर कंपनी मालिकों ने रिटायर्ड डीआईजी को 2.61 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपी कंपनी यूपी नेडा में सूचीबद्ध न होने के बावजूद जाली पत्र दिखाकर फंसाते रहे। सब्सिडी न मिलने पर 7 साल बाद धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। विभूतिखंड पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विजयंतखंड-2 निवासी रिटायर्ड डीआईजी महेंद्र यादव ने बताया कि दिसंबर 2019 में दिनेश सिंह के माध्यम से मातृ श्री ग्रीन सोलर के प्रशांत गुप्ता से संपर्क हुआ। कंपनी कर्मी अतुल सक्सेना ने घर पर सोलर पैनल लगाकर 2.61 लाख रुपये ले लिए। आरोपियों ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी कंपनी के जरिए मिल जाएगी। पीड़ित को कई साल तक सब्सिडी नहीं मिली तो उन्होंने नेडा विभाग से जानकारी की। पता चला कि सब्सिडी सिर्फ नेडा में सू...