धनबाद, अप्रैल 25 -- झरिया, वरीय संवाददाता। भीषण गर्मी और बढ़ते पारे के बीच झरिया आने-जाने वाले लोगों के लिए 'शीतल जलधारा' प्यास बुझाने का मुख्य केंद्र बनी हुई है। हाल के वर्षों में पारंपरिक प्याऊ लगाने वालों की संख्या में कमी आई है, जिसके कारण लोग अब पूरी तरह से इन आधुनिक जलधाराओं पर निर्भर हैं। झरिया के करीब एक दर्जन व्यस्त इलाकों में शीतल जलधारा स्थापित हैं। इनमें मुख्य रूप से सोना पट्टी, कतरास मोड़, अग्रवाल धर्मशाला, चिल्ड्रेन पार्क मोड़ और लाल बाजार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। मारवाड़ी समाज और अन्य समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से राहगीरों के लिए ठंडे पानी की यह व्यवस्था की गई है। यह भी पढ़ें- बढ़ती गर्मी को लेकर नप ने शहर में 10 स्थानों पर लगाए प्याऊ इन जलधाराओं का संचालन बिजली और पानी की उपलब्धता पर निर्भर है। शीतल जलधारा की टंकियां झमाडा ...
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