नई दिल्ली, मार्च 24 -- वैदिक ज्योतिष और आयुर्वेद में चांदी का विशेष महत्व है। चांदी को चंद्रमा का धातु माना जाता है, जो मन, भावनाओं, शांति और मानसिक स्वास्थ्य का कारक है। लाल किताब और वैदिक ज्योतिष दोनों में चांदी के गिलास में पानी पीने को चंद्र दोष निवारण का सरल और प्रभावी उपाय बताया गया है। अगर कुंडली में चंद्रमा कमजोर, पीड़ित या विष योग में हो, तो यह उपाय बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। चांदी के पात्र में रखा पानी न केवल सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करता है, बल्कि मानसिक शांति, नींद और भावनात्मक संतुलन भी प्रदान करता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस उपाय के फायदे, नियम और यह किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी है।चांदी और चंद्रमा का गहरा संबंध ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चांदी चंद्रमा की धातु है। चंद्रमा यदि कुंडली में वृश्चिक राशि में हो, नीच का ...
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