वाराणसी, अगस्त 31 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। ज्योतिष विद्या को सिर्फ भाग्य बांचने तक सीमित नहीं किया जा सकता। गणितीय, खागोलीय और शास्त्रीय आयामों में भी ज्योतिष का बराबर का दखल है। हम तो मानते हैं कि यह विज्ञान है, लेकिन यह बात पूरे विश्व को भी मनवानी है। यह तभी संभव होगा जब ज्योतिष विद्या से जुड़े लोग सामूहिक रूप से प्रयास नहीं करेंगे। ये बातें इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने कहीं। वह ज्योतिष विज्ञान समिति की ओर से आयोजित 'ज्योतिष वैज्ञानिक शोध पत्रिका' एवं 'अंक ब्रह्म' के विमोचन समारोह के मुख्य अतिथि थे।

भारतीय परंपरा में ज्योतिष का स्थान रविवार को सिगरा स्थित एक होटल में हुए आयोजन में जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में ज्योतिष का स्थान कहीं व्यापक है। यह वेदांग है। सभी छह वेदांगों में इसका महत्वपूर्ण स...