ज्यादा मुनाफा देगा अरहर की तकनीकी खेती
भदोही, जून 27 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। तकनीकी विधि से अरहर फसल की खेती कर किसान ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। मानसून दस्तक देने के बाद किसान खेती-बाड़ी में जुट जाएंगे। अरहर की खेती कम लागत में किसानों को बेहतर मुनाफा देता है। साथ ही टिकाऊ खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ता है। दाल प्रोटीन का स्त्रोत होता है। सोयाबीन को छोड़कर अरहर दाल में 20 से 26 फीसदी प्रोटीन मिलता है। अरहर की बोवाई पंक्तियों में करना लाभकारी होता है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि अरहर की अगेती प्रजाति में पारस, पारस 120 व पूसा 992 आता है जो 120 से 150 दिन में तैयार हो जाता है। इसकी उत्पादन क्षमता प्रति हेक्टेयर 15 से बीस कुंतल होता है। वहीं, देर से पकने वाली अरहर की प्रजातियां बहार, अमर, आजाद, नरेंद्र अरहर व मालवीय विकास 240 से 260...
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