मेरठ, मार्च 14 -- कैलाश पर्वत रचना के मुख्य जिनालय में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 35वें दिन सर्वप्रथम भगवान आदिनाथ के अभिषेक के साथ शांतिधारा की मांगलिक क्रियाएं की गई। शनिवार को विधान में 96 परिवारों ने भाग लिया। धर्मसभा में सुनीता ने कहा कि शास्त्रों का लगातार स्वाध्याय (अध्ययन) करना आवश्यक है। अगर अपना जीवन सफल बनाना है तो ज्ञान को बढ़ाना है। इसके लिए हमें शास्त्र की शरण में जाना ही होगा। आज के समय में जानकारी के साधन तो बहुत हैं, परंतु ज्ञान के नहीं। भगवान की शांतिधारा वीरेंद्र जैन व स्वर्ण कलश से भगवान का अभिषेक कैलाश चंद जैन, हिमांशु जैन ने किया। आरती का दीप सरला जैन, दिप्ती जैन ने प्रज्वलित किया। सांयकाल में भगवान आदिनाथ की आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रश्नमंच का आयोजन किया गया। विधान में हेमा जैन, पलक जैन, करण जैन,...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.