ज्ञान का स्वागत है, लेकिन वाट्सऐप यूनिवर्सिटी से नहीं! SC ने कसा तंज; शशि थरूर का हुआ जिक्र
नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि वह सभी प्रख्यात लेखकों और विचारकों के विचारों का सम्मान करता है, लेकिन 'व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी' से मिली जानकारी या ज्ञान को अदालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह रोचक टिप्पणी 9 जजों की संविधान पीठ ने धार्मिक स्थलों (जैसे केरल के सबरीमाला मंदिर) पर महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और विभिन्न धर्मों में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार व उसके दायरे को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की।9 जजों की संविधान पीठ इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई कर रही नौ सदस्यीय संविधान पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत कर रहे हैं। उनके अलावा इस पीठ में जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस ऑग...
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