बिहारशरीफ, मार्च 13 -- ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाना आज की जरूरत: अजय सिंह नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में शुक्रवार को भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ मंथन बोले-केवल अतीत के गौरव में डूबे रहना काफी नहीं, नई पीढ़ी को इस विरासत से जोड़ना है जरूरी महाभारत की कथाओं और स्याद्वाद के जरिए विशेषज्ञों ने समझाई जीवन और समाज की नैतिकता फोटो: नालंदा साहित्य 01: राजगीर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को 'प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा' विषय पर चर्चा करते डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, मनु दास, अजय सिंह व डॉ कविता शर्मा। राजगीर, निज प्रतिनिधि। अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के पहले सत्र में 'प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा' विषय पर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का आध...
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