ज्ञानवापी मामले में सुनवाई, वादी वकील ने वादमित्र के दस्तावेज का किया विरोध
हिन्दुस्तान टीम, सितम्बर 30 -- यूपी में वाराणसी के ज्ञानवापी प्रकरण के एक रिवीजन प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को विशेष न्यायाधीश द्वितीय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पूनम पाठक की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट में वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने मामले से संबंधित कागजात दाखिल कर केस में शामिल करने की गुहार लगाई। इसका अर्जीकर्ता के अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये सभी कागजात फोटो स्टेट हैं, जो विधिक मान्य नहीं है। इस पर आदेश के लिए 5 अक्तूबर की तिथि कोर्ट ने नियत की है। वर्ष 1991 के मूलवाद में पक्षकार रहे हरिहर पांडेय की मृत्यु के बाद उनकी तीनों पुत्रियों ने मुकदमे में पक्षकार बनाने के लिए सिविल जज (सीनियर डिविजन फास्टट्रैक) की अदालत में उनके समक्ष 6 अप्रैल 2024 को प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर सुनवाई के दौरान ही बहनों ने 3...
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