वाराणसी, दिसम्बर 17 -- वाराणसी। सिविल जज (सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की कोर्ट में मंगलवार को ज्ञानवापी के 1991 के मुकदमे में वादमित्र को हटाने की खारिज अर्जी में संशोधन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने लिखित अर्जी देने के लिए अगली सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तिथि तय की है। कोर्ट में मंगलवार को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के तरफ से अधिवक्ता मो. तौहीद खान ने अग्रिम कार्यवाही पर रोक लगाने की दलील दी। इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति की। उन्होंने कहा कि सिर्फ मौखिक बहस से वाद की कार्यवाही पर रोक नहीं लग सकती है। इस पर लिखित अर्जी देकर बहस करें। अधिवक्ता मो. तौहीद खान ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी मुकदमे के आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई है। इसलिए उक्त वाद की भी सुनवाई में...
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