वाराणसी, जुलाई 15 -- वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार की अदालत में ज्ञानवापी के 1991 के मूलवाद में पक्षकार बनाने की निगरानी अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई हुई। मामले में अंजुमन इंतेजामिया की ओर से अधिवक्ता मो. रईस ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 07 अगस्त की तिथि नियत की है। गौरतलब है कि दिवंगत हरिहर पांडेय 1991 के मूल ज्ञानवापी वाद के याचिकाकर्ताओं में से एक थे। अर्जी दाखिल करने वाली मणिकुंतला तिवारी उनकी बेटी हैं। उन्होंने अपनी बहनों-नीलिमा मिश्र और रेनू पांडेय के साथ ज्ञानवापी-शृंगार गौरी से जुड़े 1991 के मूल वाद में पक्ष रखने के लिए सिविल जज सीनियर डिविजन (एफटीसी) में अर्जी दी थी। यह भी पढ़ें- ज्ञानवापीः पक्षकार बनाने की अर्जी पर सुनवाई टली यह अर्जी खारिज हो चुकी है। उन्होंने एफटीसी कोर्ट के आदेश के खि...