प्रयागराज, अगस्त 28 -- साहित्यिक संस्था गुफ्तगू ने शुक्रवार को करेली में फिराक गोरखपुरी की जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार लईक रिजवी ने कहा कि फिराक उर्दू की दुनिया के पहले शायर थे, जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था। उनसे पहले उर्दू के किसी भी शायर को यह पुरस्कार नहीं मिला था। उन्होंने अपनी शायरी से एक नए तरह का नजरिया पेश किया। खासतौर से उन्होंने गजल की शायरी में एक नई रोशनी पैदा की थी। शायर सुनील दानिश ने कहा कि फिराक को पढ़कर और सुनकर बहुत कुछ सीखा जा सकता है। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संस्था के अध्यक्ष डॉ. इम्तियाज अहमद गाजी ने फिराक को अपने दौर का सबसे बड़ा शायर बताया। इस मौके पर हकीम रेशादुल इस्लाम, धीरेंद्र सिंह नागा, डॉ. एसएम अब्बास व अफसर जमाल आदि मौजूद रहे।

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