औरैया, अप्रैल 7 -- अजीतमल, संवाददाता। क्षेत्र के हैदरपुर स्थित पक्का तालाब पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य श्याम जी ने श्रद्धालुओं को भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, वैराग्य और आस्था की त्रिवेणी ही भागवत कथा का सार है। आचार्य श्याम ने कहा कि मनुष्य जीवन का मूल उद्देश्य ईश्वर भक्ति होना चाहिए, लेकिन आज के समय में भौतिकता के बढ़ते प्रभाव के कारण लोग माया में उलझते जा रहे हैं, जो उनके पतन का कारण बन रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब मनुष्य अनाचार, दुर्गुण और व्यभिचार जैसे अवगुणों में लिप्त हो जाता है, तो वह धुंधकारी के समान हो जाता है, जबकि भक्ति, पूजा-पाठ और समाज सेवा के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति गोकर्ण की तरह श्रेष्ठ बनता है। उन्होंने कहा कि सच्ची शांति और सुख केवल ईश्वर की भक्ति में ही निहित है। कथा क...