बेगुसराय, अगस्त 26 -- बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। लब्ध प्रतिष्ठित व्यंग्यकार व पेशे से चिकित्सक डॉ. रामरेखा की तीसरी रचना ज्ञान, विज्ञान और बीवी पाठकों के बीच है। प्रकाशन संस्थान नई दिल्ली से प्रकाशित यह व्यंग्य कृति सामाजिक परिवेश में नित्य घटित घटनाओं, राजनीति के कुटिल चेहरे, छद्म भेष में खुद को महान बताने की कोशिश में लगे पात्रों का आकलन है। डॉ. रामरेखा ने अपनी रचना में राजनीति के साथ अन्य सभी क्षेत्रों में हो रहे क्षरण पर न केवल चिंता नहीं जतायी है, बल्कि कुशल डाक्टर की तरह सफल सर्जरी की है। पूर्व भारतीय राजनयिक शंभु अमिताभ ने उक्त रचना के संबंध में देशज शब्दों के प्रयोग को सराहा है। पुस्तक के अभिमत में डॉ. चन्द्रभानु प्रसाद सिंह ने लिखा है कि हिन्दी ऐसे ही विशिष्ट लोगों से समृद्ध हुई है। मोकामा प्रखंड के रामपुर डुमरा में पले-बढ़े डॉ. ...