लखनऊ, दिसम्बर 15 -- ऋषि सेवा समिति की ओर से चिनहट के मटियारी स्थित ऑन द ग्रिल में आयोजित भागवत कथा के विश्राम दिवस पर सोमवार को कथा व्यास राघव ऋषि जी ने उद्धव प्रसंग की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि भक्ति को यदि ज्ञान का साथ होता है तो जीव पूर्ण बनता है। ज्ञान, प्रेम के बिना निरर्थक है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य तीनों का समन्वय होने से प्रभु मिलन होता है। थोथा ज्ञान अभिमान को लाता है। जबकि भक्ति नम्रता को लाती है। कथा मध्य सौरभ ऋषि ने सुंदर भजन गाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। समूचा कथा पंडाल भजनों पर झूम उठा। योगीराज दत्तात्रेय की कथा कहते हुए कथा व्यास ने कहा कि कथा सुनकर जीवन में उतारने से कथाश्रवण सार्थक होता है। प्रभु का नाम संकीर्तन सभी पापों को नष्ट करता है व दुखों को शांत करता है। उन्होंने कहा कि जीव ईश्वर का स्मरण करे यह साधारण...
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