कानपुर, मार्च 23 -- कानपुर। विश्वविद्यालय स्थित वीरांगना लक्ष्मी बाई सभागार में आयोजित श्री हनुमान कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित कथा के दूसरे दिन संत विजय कौशल महाराज ने हनुमान जी से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को कहा। उन्होंने बताया कि वह भगवान के द्वारपाल हैं। उनके माध्यम से ही प्रभु तक पहुंचना संभव है। हनुमान चालीसा का पाठ किसी भी समय लोग कर लेते हैं। जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। सुंदरकांड के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा यह मानव जीवन को सफल व सुंदर बनाता है। माता के आशीर्वाद पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह निश्छल व निरपेक्ष होता है। जिसे कोई बाधित नहीं कर सकता है। सुमित्रा द्वारा लक्ष्मण को दिए गए उपदेश का उल्लेख करते हुए बताया कि जीवन में त्याग, समर्पण और मर्यादा का विशेष महत्व है। सामाजिक व्यवहार पर विचार...
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