नई दिल्ली, जून 4 -- Ritabrata Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार (3 जून) को भारी हलचल देखने को मिली, जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC के एक बागी विधायक ने 80 में से 58 विधायकों का समर्थन जुटाकर विधानसभा में खुद को विधायक दल का नेता और नेता प्रतिपक्ष घोषित करवा लिया। इससे ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है क्योंकि कुछ दिनों पहले ही उन्होंने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता विपक्ष के लिए नामित किया था। बड़ी बात ये है कि जिस ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में TMC के अंदर ये सियासी खेल हुआ है, वह कुछ समय पहले तक ममता बनर्जी में रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की झलक देखते थे लेकिन आज, वही ऋतब्रत उसी नेता के खिलाफ 'विद्रोह' का नेतृत्व कर रहे हैं। ऋतब्रत ने ममता दीदी के संघर्ष को देखकर उन्हें कभी जनहितैषी राजनीति का प्रतीक बताया...