जौनपुर, मार्च 11 -- जीवन, कॅरियर या किसी बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ते समय आने वाली बाधाएं और जटिलताएं मंजिल तक पहुंचने के रास्ते को रपटीली बना देती हैं। उन्हीं परिस्थितियों का जिले के किशोर एथलीट भी सामना कर रहे हैं। जिले के विभिन्न इलाकों के जुनूनी किशोरों में कोई ऊंची कूद और भाला फेंक, कोई दौड़ और जैवलिन या डिस्कस थ्रो में आगे बढ़ना चाहता है। उनके सामने अभ्यास नहीं, सुविधाओं, संसाधनों की चुनौतियां खड़ी हैं। गद्दा-भाला या रॉड प्लेट की छोड़िए, समतल मैदान नहीं है। आर्थिक तंगी, डाइट की कमी तो है ही। इसके साथ ही प्रशिक्षकों का भी अभाव है। खिलाड़ियों के अनुपात में उनकी संख्या काफी कम है। मछली शहर के माधवपुर गांव के खेल मैदान में जुटे किशोर एथलीटों ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में घर से लेकर मैदान तक आ रही चुनौतियों को साझा किया। हाई जंप के खिलाड़ी स...
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