प्रयागराज, फरवरी 15 -- प्रयागराज, संवाददाता। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) की ओर से केंद्र के सभागार में चल रहे पांच दिवसीय भारत रंग महोत्सव का रविवार को समापन हुआ। अंतिम दिन एनएसडी के पूर्व निदेशक देवेंद्र राज अंकुर के निर्देशन में व विजय पंडित लिखित नाटक 'जोगिया राग' की प्रस्तुति की गई। कलाकारों ने प्रस्तुति के जरिए ग्रामीण स्त्री सावित्री के गृहस्थ जीवन की पुकार की कथा को दर्शाया। जो वैवाहिक जीवन को जीना चाहती है लेकिन उसका पति बाल मुकुंद तिवारी जोगी बनकर घर छोड़ देता है। सावित्री पंद्रह वर्षों तक उसके लौटने की प्रतीक्षा करती है और अधूरा जीवन जीती रहती है। इस दौरन समाज और बिरादरी उस पर विधवा जीवन स्वीकार करने का दबाव डालते हैं लेकिन सावित्री अपने पति के जीवन होने के विश्वास को नहीं...
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