जोखिम कारकों की समय रहते पहचान और नियंत्रण जरूरी: प्रो. मीनू सिंह
रिषिकेष, अगस्त 12 -- एम्स ऋषिकेश में क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज के आधुनिक प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें राज्य के विभिन्न जनपदों से आए चिकित्सा अधिकारियों और स्टाफ नर्सों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों को सीओपीडी की रोकथाम, जोखिम कारकों की पहचान, स्पाइरोमेट्री, ऑक्सीजन थेरेपी आदि का प्रशिक्षण दिया गया। बुधवार को एम्स में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने किया। उन्होंने सीओपीडी तथा जोखिम कारकों की समय रहते पहचान और उनके नियंत्रण के महत्व पर जोर दिया। कहा कि प्रारंभिक अवस्था में रोग का निदान, बीमारी की प्रगति को रोकने के लिए प्रभावी कदम तथा प्राथमिक एवं द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर पर उचित हस्तक्षेप मरीजों के उपचार परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार ला सकते हैं।
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