अररिया, फरवरी 26 -- जोकीहाट, एक संवाददाता एक ओर केन्द्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी ओर जोकीहाट प्रखंड कार्यालय की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। विडंबना यह है कि जिस कार्यालय से पूरे प्रखंड की विकास योजनाएं तय होती है। आम लोगों के लिए एक अदद सार्वजनिक शौचालय तक की सुविधा उपलब्ध नही है। प्रखंड कार्यालय में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग अपने जरूरी कार्यों के लिए दूर-दराज के गांवों से पहुंचते हैं। शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण सबसे अधिक कठिनाई महिलाओं को होती है। उन्हें लोक-लाज और भारी फजीहत का सामना करना पड़ता है। शौचालय के अभाव में लोग कार्यालय परिसर के ईद-गिर्द खुले में शौच करने को मजबूर हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। क्या कहती ...
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