मेरठ, मार्च 3 -- कैलाश पर्वत रचना के मुख्य जिनालय में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 24वें दिन भगवान आदिनाथ का अभिषेक संग शांतिधारा की गई। स्वर्ण कलश से भगवान का अभिषेक प्रमोद जैन,, अंकित जैन और शांतिधारा विजय जैन,, जिनेंद्र जैन द्वार की गई। आरती का दीप सृष्टी जैन, प्रियंका जैन ने प्रज्वलित किया। मंगलवार को 102 परिवारों ने विधान में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। धर्मसभा में मुनि भाव भूषण ने कहा जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि अर्थात किसी को कीचड़ में भी कमल दिखाई देता है, तो कोई चांद में भी दाग देख लेता है। सभी जगह अच्छाई एवं बुराई पाई जाती है। हम क्या ग्रहण करते हैं यह हमारे संस्कार और विचारों पर निर्भर करता है। अपने विचारों को पवित्र और पावन बनाने के लिए हमें कुछ समय प्रभु भक्ति के लिए अवश्य निकालना चाहिए। सांयकाल में प्रश्नमंच, सांस...