अररिया, जनवरी 8 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। सनातन सत्संग समिति के तत्वावधान में स्थानीय सिद्ध सागर भवन में चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा में कथावाचक बाल संत श्री हरिदास जी महाराज ने संगत के गुण दोष पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसा खायेंगे अन्न वैसा होगा मन, जैसा पियेंगे पानी वैसी होगी वाणी और जैसा करेंगे संग वैसा चढेगा रंग। इसलिए हमेशा इस पर ध्यान देना चाहिए। संत जी ने कहा कि जन्म से कोई भी गलत नहीं होता और न ही उसको बोली और मन खराब होता है, लेकिन संगत के प्रभाव से कोई महात्मा बन जाता है तो कोई दुष्ट आत्मा बन जाता है। आगे कहा कि संग के दुष्प्रभाव से किसी किसी की संत मति मे बदलाव आ जा जाता है। इसलिए कुसंग से बचना जरूरी है। बाल संत जी ने कहा कि हमे इस 84 लाख योनि में हमें मानव तन मिला और स्वास्थ्य अच्छा मिला है। इसके लिए भगवान का आभार प...
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